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Showing posts from May, 2026

क्रियात्मक शोध (Action Research)

विषय : क्रियात्मक शोध (Action Research) 1. क्रियात्मक शोध का अर्थ क्रियात्मक शोध वह शोध है जिसे शिक्षक अपनी कक्षा, विद्यालय या शिक्षण प्रक्रिया में उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु स्वयं करता है। इसका उद्देश्य तत्काल समस्या का व्यावहारिक समाधान करना होता है। परिभाषा Stephen M. Corey के अनुसार “क्रियात्मक शोध वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षक अपनी समस्याओं का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन करके उनके समाधान का प्रयास करता है।” सरल शब्दों में जब शिक्षक अपनी कक्षा की किसी समस्या — जैसे विद्यार्थियों की कम उपलब्धि, अनुशासनहीनता, पढ़ने में कठिनाई आदि — का अध्ययन करके समाधान खोजता है, तो उसे क्रियात्मक शोध कहते हैं 2. क्रियात्मक शोध की विशेषताएँ 1. यह व्यावहारिक समस्या पर आधारित होता है। 2. शोधकर्ता स्वयं शिक्षक होता है। 3. इसका उद्देश्य तत्काल सुधार करना होता है। 4. यह छोटे स्तर पर किया जाता है। 5. इसमें वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग होता है। 6. यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाता है। 3. क्रियात्मक शोध के उद्देश्य कक्षा शिक्षण में सुधार करना विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना शिक्षण विधि...

क्रियात्मक शोध का प्रतिवेदन

क्रियात्मक शोध के प्रतिवेदन (रिपोर्ट) का प्रारूप क्रियात्मक शोध पूर्ण करने के पश्चात्, समस्त परिणामों का अभिलेख तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह अपेक्षा की जाती है किं इसका प्रयोग विभिन्न आधारों पर किया जाएगा। इसलिए इसका व्यवस्थित और स्पष्ट अभिलेख अवश्य तैयार किया जाना चाहिए। नीचे दिए गए प्रारूप के अनुसार हम पूरे क्रियात्मक शोध का प्रतिवेदन तैयार कर सकते हैं। प्रस्तावनाः प्रतिवेदन के इस भाग में निम्नलिखित बातें सम्मिलित हैं: शोध परियोजना का संक्षिप्त विवरण जिसमें शोध का विषय, शोध के कारण, शोध के क्षेत्र की पृष्ठभूमि और आपकी कक्षा और विद्यालय की स्थिति में यह कैसे सुधार करेगी। आप अपने शोध प्रश्न की पहचान कैसे करेंगे और इस प्रश्न को निर्मित करने में दूसरे विद्यालय के प्रशासकों, शिक्षकों और अन्य अधिकारियों को कैसे सम्मिलित करेंगे। उद्देश्यः अपने शोध के उद्देश्यों के बारे में बताएँ। शोध की योजनाः शोध की योजना का अभिलेख बनाते समय निम्नलिखित बातों को सम्मिलित किया जाएगाः यहाँ हम विद्यालय के संदर्भ में परिस्थिति विश्लेषण के कुछ निश्चित निर्णयों की व्याख्या कर सकते हैं, जोकि हमारे तात...

पाठ्यचर्या पर्यंत पाठन

 इग्नू B.Ed प्रथम वर्ष कार्यशाला पाठ्यचर्या पर्यंत पाठन : अर्थ, अवधारणा एवं महत्व 1. प्रस्तावना विद्यालयी शिक्षा में केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु व्यापक अध्ययन आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से “पाठ्यचर्या पर्यंत पाठन” की अवधारणा विकसित हुई। इग्नू B.Ed प्रथम वर्ष कार्यशाला में इस विषय का विशेष महत्व है क्योंकि एक शिक्षक को केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त अध्ययन सामग्री, संदर्भ पुस्तकों, समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं एवं अन्य स्रोतों का उपयोग भी करना चाहिए। 2. पाठ्यचर्या पर्यंत पाठन का अर्थ (Meaning of Curriculum Related Reading) “पाठ्यचर्या पर्यंत पाठन” से आशय उस अध्ययन प्रक्रिया से है जिसमें विद्यार्थी या शिक्षक निर्धारित पाठ्यक्रम (Curriculum) के अतिरिक्त उससे संबंधित अन्य सामग्री का अध्ययन करता है ताकि विषय का व्यापक एवं गहन ज्ञान प्राप्त किया जा सके। सरल शब्दों में जब विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के अलावा— संदर्भ पुस्तकें, समाचार-पत्र, पत्रिकाएँ, इंटरनेट सामग्री, शोध लेख, मानचित्र, चार्ट आदि पढ़ता है, तो इसे पाठ्यचर्या पर...

चिंतनशील डायरी

 इग्नू B.Ed प्रथम वर्ष कार्यशाला :  चिंतनशील डायरी (Reflective Diary) 1. चिंतनशील डायरी का अर्थ (Meaning of Reflective Diary) “चिंतनशील डायरी” वह व्यक्तिगत लेखा-जोखा है जिसमें विद्यार्थी-शिक्षक अपने शिक्षण अनुभवों, गतिविधियों, समस्याओं, भावनाओं, उपलब्धियों तथा सीखने की प्रक्रिया पर विचार करता है और उन्हें लिखित रूप में अभिव्यक्त करता है। यह केवल घटनाओं का विवरण नहीं होती, बल्कि उन घटनाओं पर गहराई से सोचकर आत्मविश्लेषण करने की प्रक्रिया होती है। सरल शब्दों में जब शिक्षक या प्रशिक्षु यह सोचता है कि— आज मैंने क्या सीखा? क्या अच्छा किया? कहाँ कठिनाई आई? भविष्य में मैं क्या सुधार कर सकता हूँ? और इन बातों को लिखता है, तो उसे चिंतनशील डायरी कहते हैं। 2. चिंतनशील डायरी की अवधारणा (Concept of Reflective Diary) चिंतनशील डायरी का आधार “अनुभव से सीखना” है। इसमें विद्यार्थी अपने अनुभवों पर विचार करके स्वयं में सुधार लाता है। यह अवधारणा निम्न बिंदुओं पर आधारित है— (i) आत्मचिंतन (Self Reflection) व्यक्ति अपने कार्यों और व्यवहार का स्वयं मूल्यांकन करता है। (ii) अनुभव आधारित अधिगम सीख केवल पु...

5e lesson plan विभिन्न विषय

 IGNOU B.Ed. First Year Workshop 5E Lesson Plan (पाँच विषयों की उदाहरणात्मक पाठ योजनाएँ) 1. सामाजिक विज्ञान विषय की 5E पाठ योजना विषय : सामाजिक विज्ञान कक्षा : 6 पाठ : लोकतंत्र अवधि : 40 मिनट शिक्षण उद्देश्य विद्यार्थी— लोकतंत्र का अर्थ समझेंगे। लोकतंत्र की विशेषताएँ बताएँगे। लोकतंत्र के महत्व को समझेंगे। शिक्षण सामग्री चित्र, चार्ट, संविधान की प्रस्तावना, श्यामपट्ट 5E चरण 1. Engage (रुचि उत्पन्न करना) शिक्षक प्रश्न पूछे— “यदि विद्यालय का मॉनिटर चुनना हो तो कैसे चुनेंगे?” “क्या सभी विद्यार्थियों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए?” विद्यार्थी अपने विचार बताएँगे। 2. Explore (अन्वेषण) विद्यार्थियों को समूहों में बाँटकर चर्चा करवाई जाएगी— लोकतंत्र और राजतंत्र में अंतर चुनाव प्रक्रिया 3. Explain (व्याख्या) शिक्षक लोकतंत्र की परिभाषा एवं विशेषताओं की व्याख्या करेगा। � 4. Elaborate (विस्तार) विद्यार्थी कक्षा में मॉनिटर चुनाव की प्रक्रिया का अभिनय करेंगे। 5. Evaluate (मूल्यांकन) लोकतंत्र क्या है? लोकतंत्र की दो विशेषताएँ लिखिए। चुनाव क्यों आवश्यक हैं? 2. हिंदी विषय की 5E पाठ योजना विषय : हि...

5 E पाठ योजना अर्थ व अवधारणा

 5E पाठ योजना : अर्थ, परिभाषा एवं अवधारणा (इग्नू बी.एड./बी.ए. प्रथम वर्ष कार्यशाला हेतु विस्तृत व्याख्या) प्रस्तावना 5E लेसन प्लान का विकास अमेरिकी संस्था Biological Sciences Curriculum Study (BSCS) ने किया था। इसे मुख्य रूप से 1987 में शिक्षा विशेषज्ञ Roger W. Bybee और उनके सहयोगियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।   आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि उन्हें स्वयं सीखने, खोज करने, विचार करने तथा अनुभवों के माध्यम से ज्ञान निर्माण करने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “5E मॉडल” विकसित किया गया। यह एक छात्र-केंद्रित शिक्षण मॉडल है जिसमें विद्यार्थी सक्रिय रूप से सीखने की प्रक्रिया में भाग लेते हैं। 5E मॉडल का उपयोग विशेष रूप से विज्ञान शिक्षण में अधिक किया जाता है, परंतु वर्तमान समय में सामाजिक विज्ञान, गणित, भाषा तथा अन्य विषयों में भी इसका प्रभावी प्रयोग किया जा रहा है।   5E पाठ योजना का अर्थ 5E एक रचनावादी (Constructivist) शिक्षण मॉडल है, जिसमें विद्यार्थियों को स्वयं अनुभव करके स...

इकाई योजना विज्ञान व अंग्रेजी

इग्नू हेतु विज्ञान विषय की इकाई योजना विषय : विज्ञान कक्षा : 8वीं इकाई : प्रकाश कालांश : 8 1. पूर्व ज्ञान / शिक्षार्थियों का प्रवेश व्यवहार विद्यार्थियों को प्रकाश के सामान्य स्रोतों की जानकारी है। विद्यार्थी छाया एवं परावर्तन के प्रारम्भिक अनुभव रखते हैं। विद्यार्थियों ने पूर्व कक्षाओं में प्रकाश से संबंधित सरल अवधारणाएँ पढ़ी हैं। 2. इकाई के मुख्य उद्देश्य इकाई समाप्त होने पर विद्यार्थी — 1. प्रकाश के स्रोतों की पहचान कर सकेंगे। 2. परावर्तन एवं अपवर्तन की अवधारणा समझ सकेंगे। 3. समतल दर्पण के गुणों का वर्णन कर सकेंगे। 4. दैनिक जीवन में प्रकाश के उपयोगों को समझ सकेंगे। 5. वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अवलोकन क्षमता विकसित कर सकेंगे। 3. इकाई के विषय का परिदृश्य इस इकाई में प्रकाश के स्रोत, परावर्तन, अपवर्तन, समतल दर्पण, छवि निर्माण तथा दैनिक जीवन में प्रकाश के उपयोगों का अध्ययन कराया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रयोग, चार्ट, मॉडल तथा गतिविधियों के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को स्पष्ट किया जाएगा। इकाई योजना सारणी क्रम संख्या उप-इकाई / शिक्षण शीर्षक / कालांशों की संख्या प्रत्येक शीर्षक के अंतर्ग...

इकाई योजना प्रारूप (सामाजिक / हिंदी )

 इग्नू हेतु सामाजिक विज्ञान की इकाई योजना इकाई योजना का प्रारूप विषय : सामाजिक विज्ञान कक्षा : 8वीं इकाई : भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र कालांश : 8 1. पूर्व ज्ञान / शिक्षार्थियों का प्रवेश व्यवहार विद्यार्थियों को समाज, नियम एवं सरकार की सामान्य जानकारी है। विद्यार्थी पंचायत, विद्यालय नियम तथा मतदान के बारे में प्रारम्भिक जानकारी रखते हैं। विद्यार्थियों ने पूर्व कक्षाओं में नागरिक शास्त्र की आधारभूत अवधारणाएँ पढ़ी हैं। 2. इकाई के मुख्य उद्देश्य इकाई समाप्त होने पर विद्यार्थी — 1. भारतीय संविधान का अर्थ एवं महत्व समझ सकेंगे। 2. लोकतंत्र की विशेषताओं का वर्णन कर सकेंगे। 3. मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों की व्याख्या कर सकेंगे। 4. नागरिकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को समझ सकेंगे। 5. लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाने का प्रयास करेंगे। 3. इकाई के विषय का परिदृश्य इस इकाई में भारतीय संविधान, लोकतंत्र, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नागरिक उत्तरदायित्व तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अध्ययन कराया जाएगा। विद्यार्थियों को चर्चा, समूह कार्य, चार्ट, मानचित्र एवं उदाहरणों के माध्यम से लोकतां...

वार्षिक योजना

 वार्षिक योजना वार्षिक पाठ योजना या वार्षिक योजना पाठ्यक्रम में वातावरण का परिदृश्य प्रदान करती है। यह शिक्षित की जाने वाली इकाइयों और उनके लिए दिए जाने वाले समय को इंगित करती है। वार्षिक योजनाओं में उप-शीर्षकों के साथ शिक्षित की जाने वाली इकाइयाँ शामिल हैं; ये दैनिक पाठ योजनाओं और साप्ताहिक पाठ योजनाओं को तैयार करने में दिशा-निर्देश का काम करती हैं। वार्षिक योजनाओं में मुख्य रूप से निष्पादित की जाने वाली पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाकलापों का विस्तृत विवरण भले न दिया जाता हो, विशेषकर यदि उन्हें एक इकाई से दूसरी इकाई में प्रवेश करते समय निष्पादित करना हो, पर उनका उल्लेख अवश्य किया जाता है। सभी क्रियाकलाप जिन्हें एक शिक्षक पूरे वर्ष में करवाना चाहती / चाहता हो, जैसे स्थानीय भ्रमण, प्रयोग, प्रदर्शन, आदि ये सभी वार्षिक योजना के अंग है। वार्षिक योजना शैक्षिक सत्र के प्रारंभ में तैयार होनी चाहिए। शिक्षार्थियों के लिए समर्पित समय को आवंटन भी योजना में होना चाहिए, शिक्षकों को भी जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें कौन-सी कक्षाओं में, कितने घंटे और कौन से दिनों में शिक्षण कार्य करना होगा। ...