5 E पाठ योजना अर्थ व अवधारणा
5E पाठ योजना : अर्थ, परिभाषा एवं अवधारणा
(इग्नू बी.एड./बी.ए. प्रथम वर्ष कार्यशाला हेतु विस्तृत व्याख्या)
प्रस्तावना
5E लेसन प्लान का विकास अमेरिकी संस्था Biological Sciences Curriculum Study (BSCS) ने किया था। इसे मुख्य रूप से 1987 में शिक्षा विशेषज्ञ Roger W. Bybee और उनके सहयोगियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि उन्हें स्वयं सीखने, खोज करने, विचार करने तथा अनुभवों के माध्यम से ज्ञान निर्माण करने के अवसर प्रदान करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “5E मॉडल” विकसित किया गया। यह एक छात्र-केंद्रित शिक्षण मॉडल है जिसमें विद्यार्थी सक्रिय रूप से सीखने की प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
5E मॉडल का उपयोग विशेष रूप से विज्ञान शिक्षण में अधिक किया जाता है, परंतु वर्तमान समय में सामाजिक विज्ञान, गणित, भाषा तथा अन्य विषयों में भी इसका प्रभावी प्रयोग किया जा रहा है।
5E पाठ योजना का अर्थ
5E एक रचनावादी (Constructivist) शिक्षण मॉडल है, जिसमें विद्यार्थियों को स्वयं अनुभव करके सीखने पर बल दिया जाता है।
“5E” का अर्थ पाँच अंग्रेजी शब्दों से है, जिनके प्रथम अक्षर “E” से प्रारम्भ होते हैं—
Engage (संलग्न करना / रुचि उत्पन्न करना)
Explore (अन्वेषण करना)
Explain (व्याख्या करना)
Elaborate (विस्तार करना / अनुप्रयोग करना)
Evaluate (मूल्यांकन करना)
इन पाँच चरणों के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों को क्रमबद्ध तरीके से सीखने का अवसर प्रदान करता है।
5E पाठ योजना की परिभाषा
सामान्य परिभाषा
5E पाठ योजना एक ऐसी शिक्षण योजना है जिसमें विद्यार्थी अनुभव, खोज, चर्चा एवं गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
शैक्षिक परिभाषा
5E मॉडल एक रचनावादी (Constructivist) शिक्षण मॉडल है जो विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान को नए अनुभवों से जोड़कर अर्थपूर्ण अधिगम विकसित करता है।
5E मॉडल की अवधारणा
5E मॉडल की अवधारणा “रचनावाद सिद्धांत” (Constructivism Theory) पर आधारित है। इस सिद्धांत के अनुसार विद्यार्थी स्वयं अपने अनुभवों और गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं।
इस मॉडल में—
विद्यार्थी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
शिक्षक सहायक एवं मार्गदर्शक बनता है।
सीखना गतिविधि आधारित होता है।
ज्ञान स्थायी एवं व्यवहारिक बनता है।
समस्या समाधान क्षमता विकसित होती है।
5E मॉडल देने का मुख्य कारण (Why)
5E लेसन प्लान को प्रस्तुत करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक रटने वाली शिक्षा को बदलकर विद्यार्थियों को सक्रिय एवं अनुभवात्मक अधिगम से जोड़ना था। इसके मुख्य कारण निम्न थे—
1. बालक-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना
पहले शिक्षा शिक्षक-केंद्रित थी, जिसमें विद्यार्थी केवल सुनते थे। 5E मॉडल में विद्यार्थी स्वयं गतिविधियों द्वारा सीखते हैं।
2. विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाना
यह मॉडल विशेष रूप से विज्ञान शिक्षण के लिए विकसित किया गया था ताकि विद्यार्थी प्रयोग, खोज और अवलोकन से अवधारणाएँ समझ सकें।
3. रचनावादी सिद्धांत का उपयोग
यह मॉडल Jean Piaget और Lev Vygotsky के रचनावादी सिद्धांतों पर आधारित है, जिनके अनुसार विद्यार्थी अपने अनुभवों से ज्ञान का निर्माण करते हैं।
4. स्थायी अधिगम (Permanent Learning)
5E मॉडल में “करके सीखना” (Learning by Doing) शामिल है, जिससे ज्ञान लंबे समय तक याद रहता है।
5. उच्च स्तरीय चिंतन कौशल का विकास
इससे विद्यार्थियों में— समस्या समाधान क्षमता,
वैज्ञानिक दृष्टिकोण,तार्किक चिंतन,रचनात्मकता का विकास होता है।
5E मॉडल के पाँच चरणों की विस्तृत व्याख्या
1. Engage (संलग्न करना)
अर्थ
इस चरण में शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि जागृत करता है तथा उन्हें विषय से जोड़ता है।
उद्देश्य
विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करना
पूर्व ज्ञान जानना
जिज्ञासा उत्पन्न करना
शिक्षक की भूमिका
प्रश्न पूछना
चित्र, वीडियो, कहानी या उदाहरण प्रस्तुत करना
समस्या परिस्थिति देना
विद्यार्थी की भूमिका
उत्तर देना
अपने अनुभव साझा करना
जिज्ञासा प्रकट करना
उदाहरण
यदि विषय “जल संरक्षण” है तो शिक्षक प्रश्न पूछ सकता है—
“यदि पृथ्वी पर पानी समाप्त हो जाए तो क्या होगा?”
2. Explore (अन्वेषण करना)
अर्थ
इस चरण में विद्यार्थी स्वयं गतिविधियों, प्रयोगों या चर्चा के माध्यम से खोज करते हैं।
उद्देश्य
अनुभव आधारित अधिगम
समस्या समाधान कौशल विकसित करना
खोज एवं अवलोकन करना
शिक्षक की भूमिका
सामग्री उपलब्ध कराना
मार्गदर्शन देना
समूह कार्य करवाना
विद्यार्थी की भूमिका
गतिविधि करना
अवलोकन करना
निष्कर्ष निकालना
उदाहरण
विद्यार्थी समूह बनाकर जल उपयोग के विभिन्न स्रोतों का सर्वेक्षण करें।
3. Explain (व्याख्या करना)
अर्थ
इस चरण में विद्यार्थी अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं और शिक्षक सही अवधारणा स्पष्ट करता है।
उद्देश्य
अवधारणाओं को स्पष्ट करना
वैज्ञानिक/शैक्षिक शब्दावली विकसित करना
सही ज्ञान प्रदान करना
शिक्षक की भूमिका
विषय की व्याख्या करना
त्रुटियों को सुधारना
उदाहरण देना
विद्यार्थी की भूमिका
अपने विचार प्रस्तुत करना
प्रश्न पूछना
चर्चा में भाग लेना
उदाहरण
शिक्षक जल संरक्षण के उपायों की व्याख्या करता है।
4. Elaborate (विस्तार करना)
अर्थ
इस चरण में विद्यार्थी सीखी हुई अवधारणा का नए परिस्थितियों में प्रयोग करते हैं।
उद्देश्य
ज्ञान का अनुप्रयोग
रचनात्मक सोच विकसित करना
वास्तविक जीवन से संबंध स्थापित करना
शिक्षक की भूमिका
अनुप्रयोग आधारित कार्य देना
परियोजना/अभ्यास करवाना
विद्यार्थी की भूमिका
नए उदाहरण ढूँढना
प्रोजेक्ट बनाना
वास्तविक जीवन में उपयोग करना
उदाहरण
विद्यार्थी अपने घर में जल बचत योजना तैयार करें।
5. Evaluate (मूल्यांकन करना)
अर्थ
इस चरण में विद्यार्थियों के अधिगम का मूल्यांकन किया जाता है।
उद्देश्य
अधिगम स्तर जानना
उद्देश्यों की प्राप्ति का परीक्षण
सुधार के सुझाव देना
शिक्षक की भूमिका
प्रश्न पूछना
परीक्षण लेना
फीडबैक देना
विद्यार्थी की भूमिका
उत्तर देना
आत्ममूल्यांकन करना
उदाहरण
लघु प्रश्न, कार्यपत्रक, मौखिक प्रश्न आदि।
5E पाठ योजना की विशेषताएँ
छात्र-केंद्रित शिक्षण
गतिविधि आधारित अधिगम
रचनात्मक एवं खोजपरक शिक्षण
स्थायी अधिगम
तार्किक एवं वैज्ञानिक सोच का विकास
सहयोगात्मक अधिगम
वास्तविक जीवन से संबंध
5E मॉडल के लाभ
विद्यार्थियों के लिए
रुचि बढ़ती है
आत्मविश्वास विकसित होता है
समस्या समाधान क्षमता बढ़ती है
सीखना सरल एवं स्थायी बनता है
शिक्षकों के लिए
कक्षा अधिक सक्रिय बनती है
विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ती है
अधिगम परिणाम बेहतर होते हैं
5E मॉडल की सीमाएँ
अधिक समय की आवश्यकता
सभी विषयों में समान रूप से लागू करना कठिन
संसाधनों की आवश्यकता
बड़ी कक्षाओं में संचालन कठिन
पारंपरिक शिक्षण और 5E मॉडल में अंतर
आधार
पारंपरिक शिक्षण
5E मॉडल
भूमिका
शिक्षक प्रमुख
विद्यार्थी प्रमुख
शिक्षण शैली
व्याख्यान आधारित
गतिविधि आधारित
अधिगम
रटने पर आधारित
अनुभव आधारित
सहभागिता
कम
अधिक
मूल्यांकन
अंत में
निरंतर
5E मॉडल का महत्व
कक्षा को रोचक बनाता है।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाता है।
सहयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देता है।
अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप से समझने में मदद करता है।
आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
5E पाठ योजना का शैक्षिक महत्व
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप
कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा
आलोचनात्मक चिंतन का विकास
अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहन
समग्र विकास में सहायक
निष्कर्ष
5E पाठ योजना आधुनिक शिक्षण की एक प्रभावी पद्धति है जो विद्यार्थियों को सक्रिय, रचनात्मक और अनुभवात्मक अधिगम प्रदान करती है। यह केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विद्यार्थियों में चिंतन, खोज, सहयोग तथा समस्या समाधान जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास करती है। इसलिए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में 5E मॉडल का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है।
इस कारण आज Indira Gandhi National Open University (IGNOU), बी.एड., BSTC तथा अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 5E लेसन प्लान का व्यापक उपयोग किया जाता है।
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