वार्षिक योजना
वार्षिक योजना
वार्षिक पाठ योजना या वार्षिक योजना पाठ्यक्रम में वातावरण का परिदृश्य प्रदान करती है। यह शिक्षित की जाने वाली इकाइयों और उनके लिए दिए जाने वाले समय को इंगित करती है। वार्षिक योजनाओं में उप-शीर्षकों के साथ शिक्षित की जाने वाली इकाइयाँ शामिल हैं; ये दैनिक पाठ योजनाओं और साप्ताहिक पाठ योजनाओं को तैयार करने में दिशा-निर्देश का काम करती हैं। वार्षिक योजनाओं में मुख्य रूप से निष्पादित की जाने वाली पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाकलापों का विस्तृत विवरण भले न दिया जाता हो, विशेषकर यदि उन्हें एक इकाई से दूसरी इकाई में प्रवेश करते समय निष्पादित करना हो, पर उनका उल्लेख अवश्य किया जाता है।
सभी क्रियाकलाप जिन्हें एक शिक्षक पूरे वर्ष में करवाना चाहती / चाहता हो, जैसे स्थानीय भ्रमण, प्रयोग, प्रदर्शन, आदि ये सभी वार्षिक योजना के अंग है। वार्षिक योजना शैक्षिक सत्र के प्रारंभ में तैयार होनी चाहिए। शिक्षार्थियों के लिए समर्पित समय को आवंटन भी योजना में होना चाहिए, शिक्षकों को भी जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें कौन-सी कक्षाओं में, कितने घंटे और कौन से दिनों में शिक्षण कार्य करना होगा। यह जानकारी उन्हें शैक्षिक सत्र के प्रारंभ में ही मिल जानी चाहिए।
वार्षिक पाठ योजना बनाते समय शिक्षक को कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना
होता है, जो निम्नलिखित हैं:
> वार्षिक योजना शैक्षिक सत्र के आरंभ में ही तैयार रहनी चाहिए।
> वार्षिक योजनाओं में इकाइयाँ विशिष्ट विषय सामग्री के अंतर्गत वर्गीकृत होनी चाहिए। प्रत्येक विषय सामग्री को कितने समय की आवश्यकता है, यह भी निर्धारित करनी चाहिए।
> वार्षिक योजना को इकाई योजनाओं और दैनिक पाठ योजनाओं में विभाजित करना चाहिए।
> जब शिक्षक पाठ का शिक्षण करें, वार्षिक योजना में उल्लिखित विषय सामग्री पर ध्यान देना चाहिए।
> निर्धारित अवधि के अंदर यह निश्चित करना चाहिए कि किस कक्षा में, किस महीने में और सप्ताह में प्रत्येक पाठ के लिए कितने घंटे खर्च करने हैं।
>वार्षिक पाठ योजना में परिगणित कक्षाएँ, कालांश, शिक्षार्थियों के मुख्य अधिगम लक्ष्य, जिन्हें विद्यालय के अंत में प्राप्त करना निश्चित माना गया है, शैक्षिक सत्र में शिक्षण अधिगम का समर्थन करने वाले मुख्य क्रियाकलाप और घटनाएँ सम्मिलित होनी चाहिए।
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