क्रियात्मक शोध का प्रतिवेदन


क्रियात्मक शोध के प्रतिवेदन (रिपोर्ट) का प्रारूप

क्रियात्मक शोध पूर्ण करने के पश्चात्, समस्त परिणामों का अभिलेख तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह अपेक्षा की जाती है किं इसका प्रयोग विभिन्न आधारों पर किया जाएगा। इसलिए इसका व्यवस्थित और स्पष्ट अभिलेख अवश्य तैयार किया जाना चाहिए। नीचे दिए गए प्रारूप के अनुसार हम पूरे क्रियात्मक शोध का प्रतिवेदन तैयार कर सकते हैं।


प्रस्तावनाः प्रतिवेदन के इस भाग में निम्नलिखित बातें सम्मिलित हैं:

शोध परियोजना का संक्षिप्त विवरण जिसमें शोध का विषय, शोध के कारण, शोध के क्षेत्र की पृष्ठभूमि और आपकी कक्षा और विद्यालय की स्थिति में यह कैसे सुधार करेगी।

आप अपने शोध प्रश्न की पहचान कैसे करेंगे और इस प्रश्न को निर्मित करने में दूसरे विद्यालय के प्रशासकों, शिक्षकों और अन्य अधिकारियों को कैसे सम्मिलित करेंगे।


उद्देश्यः अपने शोध के उद्देश्यों के बारे में बताएँ।

शोध की योजनाः शोध की योजना का अभिलेख बनाते समय निम्नलिखित बातों को सम्मिलित किया जाएगाः

यहाँ हम विद्यालय के संदर्भ में परिस्थिति विश्लेषण के कुछ निश्चित निर्णयों की व्याख्या कर सकते हैं, जोकि हमारे तात्कालिक क्षेत्र के अन्वेषण की पहचान में सहायक होंगे।

हम क्या करना चाहते हैं और हमने इसको ही क्यों चुना, इसका विवरण यह हमारे विद्यालय के संदर्भ में कितना प्रासंगिक था और विद्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने में यह कैसे अंतर उत्पन्न करेगा।

शोध उपागम में प्रतिदर्श जो कि क्रियात्मक शोध की प्रक्रिया में प्रयोग किए गए हैं। यह उपागम और प्रतिदर्श हमारे शोध को किस प्रकार सुगम बनाएँगे?

न्यादर्श और कार्य प्रणालीः शोध न्यादर्श (यदि हो) के विषय में साधारण विवरण दीजिए

यह न्यादर्श ही आपसे क्यों सम्बन्धित है. इस पर ध्यान केन्द्रित करना आपके विद्यालय की गुणवत्ता को सुधारने में कैसे सहायक होगा?

आवश्यक सूचनाओं को एकत्र करने में प्रयोग की गई ऑकड़े संकलन की तकनीको के प्रकारों का वर्णन ।

विश्लेषण की प्रक्रिया और विश्लेषण के समय इसमें सम्मिलित व्यक्तियों का विवरण।

परिणामः

आपके मुख्य परिणाम

शोध प्रश्न के परिप्रेक्ष्य में परिणामों की चर्चा।


निष्कर्ष

परिणामों से निष्कर्ष को प्राप्त करना

हमारे परिणाम शैक्षिक कार्य पद्धति में हमारे, हमारे सहकर्मियों और हमारे विद्यालय के लिए परिवर्तन लाने में कैसे सहायक होंगे, का प्रदर्शन।

आपके परिणाम क्रियात्मक शोध के अगले चक्र को कैसे प्रभावित करेंगे, इस पर विचार करना।



IGNOU B.Ed प्रथम वर्ष हेतु क्रियात्मक शोध (Action Research) के संभावित विषयों की सूची


क्रियात्मक शोध विद्यालय की वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु किया जाने वाला छोटा एवं व्यावहारिक शोध है। IGNOU B.Ed प्रथम वर्ष में विद्यार्थी निम्नलिखित विषयों पर क्रियात्मक शोध कर सकते हैं—

1. हिंदी विषय से संबंधित विषय

1. विद्यार्थियों की शुद्ध उच्चारण क्षमता में सुधार

2. वर्तनी अशुद्धियों को कम करने के उपाय

3. पठन कौशल के विकास हेतु गतिविधि आधारित शिक्षण

4. लेखन कौशल सुधारने के उपाय

5. कविता शिक्षण को रोचक बनाने के उपाय

6. हिंदी व्याकरण में त्रुटियों को कम करना

7. कमजोर विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करना


2. अंग्रेजी विषय से संबंधित विषय

1. अंग्रेजी बोलने के भय को दूर करने के उपाय

2. शब्द भंडार (Vocabulary) बढ़ाने के उपाय

3. अंग्रेजी पठन कौशल सुधारना

4. अंग्रेजी व्याकरण शिक्षण की प्रभावशीलता

5. Pronunciation सुधारने के उपाय

6. गतिविधि आधारित अंग्रेजी शिक्षण का प्रभाव

7. अंग्रेजी लेखन कौशल में सुधार


3. गणित विषय से संबंधित विषय

1. गणित के प्रति भय कम करने के उपाय

2. पहाड़े याद कराने की प्रभावी विधियाँ

3. गणितीय समस्याओं के समाधान कौशल का विकास

4. ज्यामिति शिक्षण में मॉडल के उपयोग का प्रभाव

5. गणित में कमजोर विद्यार्थियों की उपलब्धि बढ़ाना

6. खेल विधि द्वारा गणित शिक्षण

7. गणित में त्रुटियों को कम करने के उपाय




4. विज्ञान विषय से संबंधित विषय

1. विज्ञान शिक्षण में प्रयोगशाला के उपयोग का प्रभाव

2. विज्ञान विषय में रुचि विकसित करना

3. पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के उपाय

4. गतिविधि आधारित विज्ञान शिक्षण का प्रभाव

5. विज्ञान में कम उपलब्धि वाले विद्यार्थियों का सुधार

6. विज्ञान प्रयोगों द्वारा अवधारणाओं की स्पष्टता

7. विज्ञान शिक्षण में चार्ट एवं मॉडल का प्रभाव




5. सामाजिक विज्ञान विषय से संबंधित विषय

1. मानचित्र कार्य में विद्यार्थियों की कठिनाइयों का अध्ययन

2. इतिहास शिक्षण को रोचक बनाने के उपाय

3. लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास हेतु गतिविधियाँ

4. भूगोल शिक्षण में मॉडल एवं ग्लोब का उपयोग

5. सामाजिक विज्ञान में कमजोर विद्यार्थियों की उपलब्धि बढ़ाना

6. समूह चर्चा का प्रभाव

7. स्थानीय संसाधनों के उपयोग से शिक्षण प्रभावशीलता




6. कक्षा प्रबंधन एवं व्यवहार संबंधी विषय

1. विद्यार्थियों में अनुशासन की समस्या का समाधान

2. कक्षा में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाना

3. अनुपस्थित रहने की समस्या कम करना

4. गृहकार्य पूर्ण करने की आदत विकसित करना

5. समयपालन की आदत विकसित करना

6. आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय

7. समूह कार्य के माध्यम से सहयोग भावना विकसित करना




7. सहशैक्षिक एवं सामान्य विषय

1. प्रार्थना सभा का विद्यार्थियों पर प्रभाव

2. खेल गतिविधियों का शैक्षिक उपलब्धि पर प्रभाव

3. पुस्तकालय उपयोग की आदत विकसित करना

4. स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने के उपाय

5. डिजिटल शिक्षण सामग्री का प्रभाव

6. स्मार्ट क्लास के उपयोग का प्रभाव

7. बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता


8. प्राथमिक स्तर हेतु क्रियात्मक शोध विषय

1. वर्ण पहचान में कठिनाई का समाधान



2. सुलेख सुधारने के उपाय



3. संख्या ज्ञान विकसित करना



4. कहानी विधि द्वारा शिक्षण का प्रभाव



5. चित्रों द्वारा शिक्षण की प्रभावशीलता



6. खेल-खेल में सीखने की विधि



7. प्रारंभिक पठन कौशल का विकास




9. माध्यमिक स्तर हेतु क्रियात्मक शोध विषय


1. बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के उपाय



2. किशोर विद्यार्थियों में अनुशासन समस्या



3. मोबाइल उपयोग का अध्ययन पर प्रभाव



4. समूह अध्ययन की प्रभावशीलता



5. नोट्स बनाने की आदत विकसित करना



6. परीक्षा तनाव कम करने के उपाय



7. कैरियर जागरूकता कार्यक्रम का प्रभाव




10. ICT एवं नवाचार आधारित विषय

1. YouTube आधारित शिक्षण का प्रभाव

2. PPT द्वारा शिक्षण की प्रभावशीलता

3. ऑनलाइन क्विज का उपलब्धि पर प्रभाव

4. मोबाइल ऐप आधारित शिक्षण

5. डिजिटल बोर्ड के उपयोग का प्रभाव

6. ई-कंटेंट द्वारा सीखने की रुचि

7. WhatsApp समूह द्वारा शिक्षण सहयोग




निष्कर्ष

IGNOU B.Ed में क्रियात्मक शोध का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं कक्षा की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजना है। शोध विषय ऐसा होना चाहिए जो—

विद्यालय में व्यावहारिक हो,

सीमित समय में पूरा हो सके,

तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया में सुधार ला सके। 

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